अध्याय 288

उसकी आवाज़ धीमी थी, मगर हर शब्द में जबरदस्त वज़न था—ऐलेन के दिल पर हथौड़े की तरह आकर लगा।

“तो, ऐलेन… क्या तुम… मुझे एक मौका दोगी? मुझे कोशिश करने दो कि मैं तुम्हारे पास… एक अलग तरीके से रह सकूँ?”

उसका इकरार उसके कानों में साफ़ गूँज उठा—इतना सच्चा, और फिर भी इतना अचानक।

ऐलेन पूरी तरह सन्न रह गई।

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